श्रीनगर  भले ही जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के साथ सरकार गठन को लेकर किसी तरह के तनाव को पीडीपी ने खारिज किया हो, लेकिन महबूबा मुफ्ती सत्ता में आने की जल्दबाजी में नहीं हैं। राज्य की सत्ता के गलियारों में चल रही तनाव की खबरों के बीच सीनियर पीडीपी नेता नईम अख्तर ने कहा, ‘सरकार के गठन का फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि कितनी जल्दी पार्टी प्रेजिडेंट महबूबा मुफ्ती गम से उबरती हैं और राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन करती हैं।’ मुफ्ती मोहम्मद सईद के देहांत के बाद से जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू है, इस बीच गठबंधन में रहीं बीजेपी और पीडीपी के बीच दोबारा से सरकार गठन को लेकर शर्तों का दौर जारी है।

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रविवार को भले ही पीडीपी और बीजेपी ने गठबंधन में दरार की बात को खारिज किया हो, लेकिन कहीं न कहीं पेंच जरूर है। बीजेपी ने गठबंधन के न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर अडिग रहने की बात कही है। लेकिन महबूबा मुफ्ती बीजेपी की ओर से अनौपचारिक तौर पर दो साल के लिए सरकार का नेतृत्व करने की बीजेपी की मांग से सहमत नहीं हैं। इसके अलावा वह सरकार में पीडीपी का दखल बढ़ाना चाहती हैं। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के प्रति पीडीपी की शिकायतों ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त मदद न मिलने, मुफ्ती मोहम्मद सईद के अंतिम संस्कार में न पहुंचने और 15 दिनों तक एम्स में भर्ती रहने के दौरान एक भी दिन न पहुंचने पर पीडीपी खफा है।

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पीडीपी सूत्रों का कहना है कि मुफ्ती की मौत के कुछ घंटों के बाद ही बीजेपी की ओर से रोटेशनल सीएम तथा कुछ और मंत्री पद मांगे जाने से महबूबा को गहरा सदमा लगा है। यही नहीं उन्होंने विधायकों से जमीनी स्तर पर काम करने की बात कही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि महबूबा 10 महीने पहले हुए गठबंधन से बहुत खुश नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक महबूबा महसूस कर रही हैं कि भगवा दल से गठबंधन करने पर कश्मीरी लोग खुश नहीं हैं। मुफ्ती मोहम्मद सईद के जनाजे में आई अपेक्षाकृत कम भीड़ को भी वह इस नाराजगी से ही जोड़कर देख रहे हैं।

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हालांकि बीजेपी की ओर से सुलह का रास्ता अख्तियार करने का संकेत देते हुए निर्मल सिंह नने कहा था कि पार्टी ने सरकार के गठन को लेकर कोई नहीं शर्तें नहीं रखी हैं और न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत काम करने को तैयार हैं। निर्मल सिंह ने कहा था, ‘सरकार को गठन को लेकर पीडीपी की ओर से देरी की जा रही है। हम उनकी ओर से बुलावे का इंतजार कर रहे हैं।’ साभार: नवभारत टाइम्स


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