कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को कहा कि पनामा पेपर्स खुलासे की सरकारी एजेंसियों से की जाने वाली किसी भी जांच की कोई विश्वसनीयता नहीं है। पार्टी ने सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी वाले विशेष जांच दल (एसआईटी) से इसकी जांच कराने की मांग दोहराई है।

manish tiwari

पार्टी उन खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही थी, जिनमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को एसआईटी को नहीं सौंपने को कहा है। अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (आईसीआईजे) द्वारा किए गए इस वैश्विक खुलासे को पनामा पेपर्स नाम दिया गया है। इसमें विदेश में निवेश करने वाले 500 से अधिक भारतीयों के भी नाम हैं। मोदी ने इनकी कई एजेंसियों की एक टीम बनाकर जांच के आदेश दिए हैं।

और पढ़े -   शरद यादव के साथ 20 विधायक, कभी भी गिरा सकते है नितीश सरकार

कांग्रेस ने मांग की है कि जिनके भी नाम पनामा पेपर्स में अब तक आए हैं, उन सबके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी जांच करे।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा,कर चोरी कर जिन लोगों ने अपनी काली कमाई को पनामा में निवेश किया है, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरूण जेटली के शुभचिंतक और दोस्त बताए जाते हैं। इसलिए सरकारी एजेंसियों की किसी भी जांच की कोई विश्वसनीयता नहीं है। हम पनामा पेपर्स की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग करते हैं।

और पढ़े -   संघ पर राहुल गाँधी के वार से बोखलाई बीजेपी, संघ नेता भी हुए लाल

मीडिया रपटों के मुताबिक, मोदी ने पनामा रपट के खुलासे के 15 दिनों के अंदर पहली रपट देने को कहा है। वह यह भी चाहते हैं कि जांच जल्दी हो और मामले को एसआईटी के हवाले नहीं किया जाए। जेटली ने कहा है कि कई एजेंसियों वाला एक जांच दल तैयार किया गया है। इसमें केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की वित्तीय खुफिया इकाई, उसकी कर शोध इकाई और भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। इस समूह की पहली बैठक सात अप्रैल को हुई थी। (hindkhabar.in)

और पढ़े -   स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस बन गए 'पिकनिक डे' - शिवसेना

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE