पूर्व नगर विकास मंत्री और सपा नेता आजम खां ने नसीमुद्दीन को बीएसपी निकाले जाने पर उनकी तुलना एक संतरे से की है.

उन्होंने कहा कि कौन कब पार्टी से निकाल दिया जाए कहा नहीं जा सकता है. हम भी पार्टी से बाहर निकाले गए थे लेकिन फिर वापस आ गए. आजकल पार्टियां फायदा देखती है, फायदेमंद होंगे तो रखा जाएगा. नहीं तो निकाल दिए जाएंगे.’

आज़म ने आगे कहा, ‘ नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी से निकालना कतई चौकाने वाला कदम नहीं है. वह तो पार्टी में संतरे की थे. जिस तरह संतरे का रस निचोड़ने के बाद उसे फेंक दिया जाता है, वैसे ही मायावती ने नसीमुद्दीन के माध्यम से खूब लेन-देन किया. अब उसकी परतें खुलने लगीं तो उन्हें पार्टी से ही बेदखल कर दिया. मायावती अब उन्हें बेईमान कह रही हैं, जो ठीक नहीं हैं.’

रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी वाली सड़क की जांच पर आजम ने कहा कि योगी सरकार के मंत्रियों को उनसे क्लास लेनी चाहिए. वे जानते ही नहीं हैं कि यह मामला कैबिनेट से पास हो चुका है. इस पर विवाद करना उचित नहीं है. इसके बावजूद मैंने कुछ गलत किया है तो कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके अलावा एसपी मुखिया मुलायम सिंह यादव व अखिलेश के विवाद पर उन्होंने कहा कि इस मामले में न तो अखिलेश की गलती है और न ही मुलायम की.


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