mamta

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शिवसेना, अकाली दल, आम आदमी पार्टी (आप) और नेशनल कान्फ्रेंस के नेताओं के साथ बुधवार को नोटबंदी के खिलाफ राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया.

इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से आम जनता बेहद परेशान हो रही है. कोई भी फैसला लेने से पहले उसके असर का आंकलन करना चाहिए लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने आगे कहा, ”हमारे राष्ट्रपति वित्त मंत्री रह चुके हैं और देश की स्थिति को किसी और से बेहतर समझते हैं, व उचित कदम उठाएंगे.”

और पढ़े -   कश्मीर पर मोदी के 'गोली और गाली' वाले बयान पर भडकी शिवसेना कहा, केवल धारा 370 हटाना ही एक मात्र हल

वहीँ शिव सेना के सांसद आनंदराव अडसुल ने कहा कि वह नोटबंदी के फैसले के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उसके तरीके के खिलाफ हैं. अडसुल ने कहा, “हम इस फैसले के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि जिस प्रकार उसे लागू किया गया, उस तरीके के खिलाफ हैं. इस मुद्दे पर हम तृणमूल का समर्थन करते हैं. इस फैसले को पूरी तैयारी के साथ लागू किया जाना चाहिए था.”

और पढ़े -   मदरसा-गाय से फ़ुर्सत मिल जाए तो शिक्षा-स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे दो: कुमार विश्वास

विपक्ष के इस मार्च  में करीब 40 सांसद शामिल हुए. सभी ने नोटबंदी के फैसले को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE