कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने असम में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राज्य के लोगों का ‘अपमान’ करने और विकास के वादों से पीछे हटने के आरोप लगाए।

उन्होंने असम में बीजेपी की अगुआई वाले गठबंधन को ‘‘सांप्रदायिकता और विभाजन के दो खतरनाक ताकतों’’ का गठबंधन बताया। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री की उस टिप्पणी पर भी चुटकी ली जिसमें उन्होंने अपने चाय बेचने की बात को असम की चाय से जोड़ा था। सोनिया ने कहा, ‘‘चाय बगानों में काम करने वाले और आदिवासी पूछ रहे हैं कि अच्छे दिन कब आएंगे।’’

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में प्रचार के दौरान मोदी ने ‘अच्छे दिन’ का वादा किया था। असम और पूर्वोत्तर के लोगों का बीजेपी द्वारा बार-बार ‘‘अपमान’’ किए जाने का दावा करते हुए सोनिया ने कहा कि राज्य की संपूर्ण संस्कृति को ‘‘खतरा’’ है और अगर बीजेपी-एजीपी-बीपीएफ गठबंधन राज्य में सत्ता में आती है तो तरुण गोगाई के 15 वर्षों के शासनकाल के दौरान ‘‘शांति और विकास का जो काल’’ था वह ‘‘खतरे’’ में पड़ जाएगा।

सोनिया ने मोदी सरकार द्वारा असम से ‘‘भेदभाव’’ करने के आरोप लगाए और कहा, ‘‘पूर्वोत्तर और असम के भाई…बहनों का इतना अपमान क्यों किया जा रहा है? तरूण गोगोई का इतना अपमान क्यों किया जा रहा है? असम के लोगों का इतना अपमान क्यों हो रहा है?’’

सोनिया ने असम, असमी और राज्य के मुख्यमंत्री के कथित ‘‘अपमान’’ पर उसी तर्ज पर जोर दिया है जैसे बिहार में नीतीश कुमार ने रणनीति अपनाई थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने ऐसे समय में बीजेपी को निशाना बनाया है जब कुछ जनमत संग्रहों में असम में बीजेपी को बढ़त बनाते हुए बताया गया है जहां कांग्रेस 15 वर्षों’ के शासनकाल की सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है। सोनिया ने कहा कि क्या आप भूल सकते हैं कि मोदी सरकार ने असम का विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया जो मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान यूपीए सरकार ने दिया था।’’ (News24)


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