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समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने शनिवार को कहा कि अयोध्या में 1990 में हुए गोलीकांड पर कहा कि उन्हें अयोध्या में गोली चलवाने का  अफसोस है, लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि लोग कहते हैं कि उस दौरान 16 लोगों की जान गयी, लेकिन देश की एकता के लिए 30 जानें भी जातीं तो मुझे परवाह नहीं थी.

अपने ऊपर लिखी किताब के विमोचन के मौके पर मुलायम ने कहा कि उनके आदेश की बहुत आलोचना हुई. संसद तक में उनका विरोध हुआ लेकिन यह कदम देश के हित में था.

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मुलायम के मुताबिक, ‘अगर ऐसा न होता, तो हिन्दुस्तान का मुसलमान कहता कि अगर हमारा धर्मस्थल नहीं बच सकता, तो हिन्दुस्तान में रहने का क्या औचित्य? समाजवाद का मतलब सबको साथ लेकर चलना है. सामाजिक एकता के लिए किसी किस्म का भेदभाव नहीं होना चाहिए.’


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