भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी 4 जुलाई से इजरायल की तीन दिनों की एतिहासिक यात्रा पर जाने वाले है. हालांकि इस दौरान वे फिलिस्तीन की यात्रा नहीं करेंगे. ऐसे में वे अब विपक्ष के निशाने पर है.

फिलिस्तीन की यात्रा नहीं करने को लेकर आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने कहा कि पीएम मोदी का ये दौरा वेस्ट बैंक और गाज़ा में इजरायल अवैध कब्जें को जायज करने में मददगार होगा.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक जितने भी भारतीय नेताओं ने इजरायल की यात्रा की. उन्होंने हमेशा फिलीस्तीन को भी अपना समर्थन दिया है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के लिए फिलिस्तीन अब मुद्दा नहीं रहा.

ओवैसी ने कहा कि फिलिस्तीन भारत की विदेश नीति का अहम् मुद्दा रहा है. पिछली सरकारें फिलीस्तीन को हमेशा तरजीह देती आई है. बावजूद इसके कि हमारे इजराइल के साथ भी रिश्ते रहे.

उन्होंने इजराइल के साथ सैन्य उपकरण के सौदों को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, इजरायल से खरीदे गए बॉर्डर सेंसर, ड्रोन्स देश की सुरक्षा के लिए काबिल नहीं है बावजूद इसके उन्हें  पहले ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से क्यों खरीदा जा रहा है.


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