कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागपुर (संघ मुख्यालय) से रिमोट कंट्रोल के जरिए पूर्वोत्तर पर शासन करना चाहते हैं और इन राज्यों की शांति, संस्कृति और इतिहास को नष्ट कर देना चाहते हैं।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागपुर (संघ मुख्यालय) से रिमोट कंट्रोल के जरिए पूर्वोत्तर पर शासन करना चाहते हैं और इन राज्यों की शांति, संस्कृति और इतिहास को नष्ट कर देना चाहते हैं। उन्होंने असम की अपनी दो दिवसीय यात्रा के आखिरी दिन यहां कांग्रेस की एक रैली में कहा, नरेंद्र मोदी असम, मणिपुर या अरुणाचल प्रदेश पर नागपुर से रिमोट कंट्रोल के जरिए शासन करना चाहते हैं।

मोदी शांति, संस्कृति और इतिहास की सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ कर सिर्फ एक विचारधारा थोपना चाहते हैं। पूर्वोत्तर के मुद्दों पर मोदी के तौर-तरीकों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि एक दिन उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को फोन किया था और उन्हें सूचना दी कि उन्होंने एक ऐतिहासिक नगा समझौते पर हस्ताक्षर किया है जो कांग्रेस 40 साल में नहीं कर पाई।

उन्होंने बताया कि सोनिया ने उनसे (राहुल से) असम, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से समझौते के बारे में जानकारी लेने को कहा, लेकिन उन सभी ने कहा कि उनके पास इसकी कोई जानकारी नहीं है। राहुल ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी संपर्क किए जाने पर कहा कि उनके पास कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि नहीं जानता कि मोदी क्या सोच रहे हैं और नगा समझौता कर उन्होंने क्या हासिल किया। प्रधानमंत्री के बयान में कुछ वजन होना चाहिए था जब उन्होंने विपक्षी नेता को फोन किया था। मोदी ने पिछले साल तीन अगस्त को एनएससीएन-आइएम और केंद्र के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर होने की घोषणा की थी।

राहुल ने दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने उनसे कहा कि मोदी ने असम की यात्रा करने से पहले राज्य पर ब्रीफिंग नहीं की, इस बारे में जानना नहीं चाहा। उन्होंने यहां बैठक के बारे में कुछ चीजों पर ही बात की और फिर चले गए। अपना हमला तेज करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, मोदी का एकमात्र लक्ष्य कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों की मदद करना है जो उनके साथ हैं।

राहुल ने कहा कि हम यहां के युवाओं की मदद करना चाहते हैं। राहुल ने कहा कि कांग्रेस शांति में यकीन रखती है और गरीब व दबे-कुचले लोगों के लिए काम कर रही है। वहीं दूसरी ओर आरएसएस और भाजपा के लोग हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी असम आए थे और भाषण दिया था, यहां नफरत फैलाई थी। उन्होंने कहा, मोदी ने हर भारतीय के बैंक खाते में 15 लाख रुपए देने के बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन किसी को नहीं मिला। इसके बजाय उन्होंने 15 लाख का सूट पहना।

उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि मोदी विधानसभा चुनाव प्रचार को लेकर एक बार फिर असम आएंगे। लेकिन इस बार वे अपने वादों की बात नहीं करेंगे बल्कि मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत, कनेक्ट इंडिया जैसे नए अभियानों के साथ आएंगे। (Jansatta)


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