rahul-gandhi-

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश भर में कथित गौरक्षा के नाम पर हो रहें मुस्लिम और दलित समुदाय के लोगों पर अत्याचार के बाद ख़ामोशी तोड़ते हुए शनिवार को को अपने ‘टाउनहॉल’ कार्यक्रम में जनता से सीधा संवाद करते हुए कहा था कि कुछ लोग पूरी रात असमाजिक कार्यों में लिप्त रहते हैं और दिन में गौरक्षक का चोला पहन लेते हैं.

प्रधानमंत्री द्वारा दिये गए बयान इस बयान पर रविवार को कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि मोदी गुजरात में बीजेपी की डूबती नैया बचाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस प्रवक्‍ता टॉम वडक्‍कन ने कहा, ‘पीएम के राजनीतिक एंगल को आसानी से समझा जा सकता है. उन्‍होंने एक सीएम खोया है। वे अब राज्‍य खोने की कगार पर हैं.

कांग्रेस के अलावा रविवार को ही सीपीएम ने भी पीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी गौरक्षको के खिलाफ बोलकर बीजेपी के लिए दलित वोटों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. सीपीएम लीडर वृंदा कारत ने कहा कि अगर सीएम की दलितों की खिलाफ चिंता असली है तो अब तक समाज विरोधी तत्‍वों के खिलाफ कार्रवाई क्‍यों नहीं हुई? कारत ने यह भी कहा कि दिखावे के लिए गुस्‍सा दिखाना भी संरक्षण देने जैसा ही है.

उन्होंने आगे कहा कि पीएम की चुप्‍पी भारत के हर दलित के घर में महसूस की गई. पीएम ने गुजरात की सड़कों पर लोगों की प्रतिक्रिया देखी है. इसलिए ऊना में हुई घटना के एक महीने बाद मोदी ने इस बारे में कहा है. मेरा मानना है कि यह फर्जी नाराजगी है क्‍योंकि वे दलित वोट चाहते हैं.


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें