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लखनऊ में दशहरें के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सार्वजनिक मंच से जय श्रीराम का नारा लगाने को लेकर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि मोदी को सार्वजनिक मंच पर जय श्रीराम के साथ-साथ नारा-ए-तकबीर और वाहे गुरु का खालसा का नारा भी लगाना चाहिये.

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री तो संवैधानिक पद है और इस लिहाज से मोदी तमाम मजहबों को मानने वाले लोगों के प्रधानमंत्री हैं. अगर उन्होंने जय श्रीराम का नारा लगाया था तो उन्हें नारा-ए-तकबीर अल्लाहु अकबर और वाहे गुरु का खालसा, वाहे गुरु की फतेह भी बोलना चाहिए था.

तीन तलाक के को लेकर उन्होंने कहा कि तलाक कैसे होगा, शादी कैसे होगी और नमाज कैसे पढ़ी जाएगी, यह पर्सनल लॉ से ही तय होगा. अयोध्या में राम का स्मारक बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, अल्लाह ने एक लाख 40 हजार पैगम्बर दुनिया में भेजे हैं. उनमें से 20 के नाम भी कुरान शरीफ में हैं. राम और कृष्ण हमारे रहनुमा पेशवा हो भी सकते हैं और नहीं भी.

उन्होंने आगे कहा, विद्वानों के बीच इस मुद्दे पर बहस चल रही है. ऐसे में भाजपा के अयोध्या में स्मारक बनाने पर हमें एतराज है. किसी की यादगार को मिटाकर उस जगह किसी और की यादगार बनाना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, अयोध्या में मस्जिद बाबर ने नहीं बनवाई थी. मस्जिद किसी के भी नाम पर हो सकती है.


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