ईद की शौपिंग कर लौट रहे हाफिज जुनेद की हरियाणा की लोकल ट्रेन में बीफ का आरोप लगाकर चाकुओं से गोदकर की गई ह्त्या के मामलें में मोदी सरकार का बयान आया है, जिसमे इस घटना को दुखद और शर्मनाक बताया गया है.

एनडीटीवी से बातचीत में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटने के लिए नया कानून बनाने की जरूरत नहीं है. इनसे निपटने के लिए मौजूदा कानूनों को सख्ती से लागू करना होगा. उन्होंने कहा, हिंसक भीड़ के खिलाफ सख्ती से निपटने के लिए मौजूदा कानून में फांसी की सजा से लेकर उम्र कैद तक का प्रावधान है. उसे सख्ती से लागू करना बेहद जरूरी हो गया है.

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कानून मंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री खुद गौरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों से सख्ती से निपटने की बात कह चुके हैं.  नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल सात अगस्त को कहा था, “ये जो नकली गौ-रक्षक हैं – जिनको गाय से लेना-देना नहीं है. वे समाज में तनाव पैदा करना चाहते हैं. ऐसे नकली गौ-रक्षकों की छानबीन कीजिए और उन पर कठोर कार्रवाई कीजिए.”

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वहीँ  जेडी-यू नेता अली अनवर ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा “सत्ताधारी राजनीतिक दल ने ही माहौल खराब किया है जिससे इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. जो लोग हिंसक घटनाओं को अंजाम देते हैं उन्हें लगता है कि सत्ता में बैठी सरकार उन्हें बचा लेगी. उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी.”

अली अनवर कहते हैं कि जिस तरह देश के अलग-अलग राज्यों में भीड़ हिंसक वारदातों को अंजाम दे रही है उससे कई बड़े और संवेदनशील सवाल खड़े हो रहे हैं और अब वे इस मामले को संसद के आगामी मॉनसून सत्र में उठाने की तैयारी कर रहे हैं.

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