शिलोंग | मवेशियों की खरीद फरोख्त को लेकर केंद्र सरकार के एक नोटिफिकेशन ने पुरे देश में हंगामा मचाया हुआ है. हर जगह केवल इस नोटिफिकेशन की चर्चा हो रही है. कई राज्यों ने मोदी सरकार के इस फैसले को लागू करने में असमर्थता जता दी है. इनमे केरल, बंगाल और त्रिपुरा शामिल है. इसके अलावा तमिलनाडु में आईआईटी मद्रास के छात्रों ने बीफ पार्टी आयोजित कर इस फैसले पर अपना विरोध जताया.

हालाँकि बीजेपी , मोदी सरकार के इस फैसले का बचाव करती दिख रही है लेकिन उत्तर पूर्व में उनके कुछ नेता इस फैसले के खुलकर विरोध में आ गए है. बुधवार को बीजेपी नेता और नार्थ गारो हिल्स जिले के अध्यक्ष बाचु चामबूगांग माराक ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक बैनर पोस्ट किया जिस पर लिखा था,’ गारो हिल्स बीजेपी नरेन्द्र मोदी सरकार के तीन साल पुरे होने पर उत्सव मनाने के लिए बिची-बीफ पार्टी का आयोजन करेगी”.

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गारो भाषा में बिची , बियर को कहा जाता है जो चावल से बनी होती है. उधर पुरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मेघालय के प्रभारी नलिन एस कोहली ने कहा की बीफ पार्टी मनाने पर माराक को जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया जायेगा. अगर वो चाहे तो खुद भी पार्टी छोड़कर जा सकते है. नलिन की टिपण्णी पर प्रतिक्रिया देते हुए माराक ने कहा की हम बीफ पार्टी का आयोजन करेंगे. गोरा के लोग बिना बीफ नही रह सकते इसलिए अगर वो इस पर बैन लगाएंगे तो हम खुद पार्टी से अलग हो जायेंगे.

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माराक ने आगे कहा की गोरा में बीफ पर प्रतिबंध नही लगाया जा सकता , अगर कोई भी पार्टी ऐसा करेगी तो उसको हार का मुंह देखना पड़ेगा. इससे पहले बीजेपी के ही नेता बर्नार्ड मराक ने लोगो से वादा किया था की अगर राज्य में बीजेपी की सरकार आई तो वो बीफ को और सस्ता करा देंगे. हालांकि बीजेपी की तरफ से बर्नार्ड के बयान पर कोई भी स्पष्टीकरण नही आया.

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