जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि राज्य को मिले विशेषाधिकारों पर लगातार हमले का आरोप लगाते हुए कहा कि सूबे के संवैधानिक दर्जे से छेड़छाड हुई तो कश्मीर में कोई गिरे हुए तिरंगे को उठाने वाला भी नहीं मिलेगा.

उन्होंने कहा कि एक तरफ ‘हम संविधान के दायरे में कश्मीर मुद्दे का समाधान करने की बात करते हैं और दूसरी तरफ हम इसपर हमला करते हैं. उन्होंने कहा कि यदि इस धारा में बदलाव होता है तो मुझे यह कहते हुए झिझक नहीं होगी कि कश्मीर में गिरे हुए तिरंगे को भी कोई नहीं उठाएगा.

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महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि आर्टिकल 35A और 370 को वार कर वो अलगाववादियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन ये गलत है। जो लोग कश्मीर के विशेषाधिकारों को खत्म करना चाहते हैं वो उन लोगों की ताकत को कमजोर कर रहे हैं, जो भारत के साथ हैं और चुनाव में हिस्सा लेते हैं.

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उन्होंने कहा, ‘ ‘भारत के संविधान में जम्मू कश्मीर के लिये विशेष प्रावधान हैं. उन्होंने केंद्र और राज्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि दोनों पक्ष हो सकता है अधिक लालची हो गये हों और पिछले 70 वर्षों में राज्य को भुगतना पड़ा.

कश्मीर घाटी में एनआईए के छापे और अलगाववादी नेताओं की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा, ये कश्मीर समस्या को सुलझाने का हल नहीं है, यह एक अस्थायी उपाय है. उन्होंने कहा, “एनआईए के साथ जो भी हुआ वह एक प्रशासनिक पैमाना है. इससे स्थिति पर नियंत्रण हो सकता है, लेकिन यह वास्तविक समस्या का हल नहीं देता है.

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