भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा रामनाथ कोविंद को एक दलित नेता के तौर पर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया है. कोविंद को उम्मीदवार बनाने पर बसपा प्रमुख ने कहा कि अगर विपक्ष की ओर से कोविंद  से बेहतर दलित उम्मीदवार नहीं उतारा जाता है तो कोविंद के प्रति उनकी पार्टी का रुख सकारात्मक है.

इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि रामनाथ शुरू से ही बीजेपी व आरएसएस से ही जुड़े हुए रहे हैं इसलिए इनकी इस राजनैतिक पृष्ठभूमि से तो मैं कतई भी सहमत नहीं हूं. उन्होंने कहा, मेरा यह भी कहना है कि अगर बीजेपी इनके नाम की घोषणा करने से पहले सभी विपक्ष की पार्टियों को गुड फेथ में ले लेते तो यह ज्यादा सही रहता.

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उन्होंने कहा कि कोविंद कोई पहले दलित नहीं हैं, जिन्हें राष्ट्रपति पद के लिये सामने लाया गया है. इससे पहले दलित वर्ग से के. आर. नारायणन राष्ट्रपति रहे चुके हैं. उन्होंने कहा, अगर भाजपा और राजग इस पद के लिये दलित वर्ग से किसी गैर राजनीतिक व्यक्ति को आगे करते तो बेहतर होता.

अब ऐसे में संभव है कि कांग्रेस के साथ मिलकर भी विपक्ष भी कोई दलित उम्मीदवार को ही सामने लाएगा. हालांकि इसके लिए पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का नाम सबसे आगे है.

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