बसपा सुप्रीमो ने अपने कार्यकर्ताओं को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के लिए खाना बनाने वाले रसोइयें को ढूंढकर लाने को कहा हैं. मायावती के अनुसार रसोइया दलित नहीं था. डॉ. रामकुमार कुरील पार्टी के क्षेत्रीय संयोजक ने मायावती के इस आदेश की पुष्टि करते हुवे कहा कि शाह के साथ केवल कुछ दलित थे, जिन्होंने खाना खाया.

कुरील के अनुसार शाह के साथ 250 लोग आए थे, जिनमे से केवल 50 लोगों ने ही भोजन किया. दलितों के साथ भोजन करके आप उनका राजनीतिक फायदा उठा रहे है जो की सही नहीं है.

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अमित शाह के दलितों के साथ भोजन करने के मामले को मायावती ने ड्रामा बताया था, और कहा चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए यह नौटंकी की जा रही है. गोरतलब रहें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 31 मई को को जोगियापुर गांव में दलितों के साथ भोजन किया था.


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