पटना | अपनी व्यंगात्मक भाषण शैली के लिए प्रसिद्ध लालू प्रसाद यादव आजकल बीजेपी और आरएसएस के प्रति हमलवार रुख अपनाये हुए है. दरअसल अभी हाल ही में सीबीआई ने 1000 करोड़ रूपए की बेनामी संपत्ति के मामले में उनके 22 ठिकानो पर छापेमारी की. सीबीआई की इस रेड को राजनितिक से प्रेरित बताते हुए लालू ने कहा था की मोदी सरकार सत्ता का दुरूपयोग कर रही है.

हालाँकि लालू प्रसाद पहले से ही बीजेपी और आरएसएस के धुर विरोधी माने जाते है लेकिन सीबीआई रेड के बाद यह तल्खी और बढ़ी है. इसलिए लालू ने कड़े तेवर अपनाते हुए सभी गैर बीजेपी दलों को एक मंच पर लाने का प्रयास तेज कर दिया है. हालाँकि वो पिछले कई महीने से इसका प्रयास कर रहे है लेकिन अलग अलग कारणों से यह संभव नही हो सका. उत्तर प्रदेश चुनावो में भी उन्होंने समाजवादी और बसपा को साथ लाने का प्रयास किया लेकिन वो असफल रहे.

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अपनी रणनीति के खुलासा करते हुए लालू ने एएनआई से बात करते हुए कहा की हम 27 अगस्त को पटना के गाँधी मैदान में एक रैली करने जा रहे है. इस रैली में सामान विचारधारा के सभी दलोके नेताओ को आमंत्रित किया जायेगा. हमारा मकसद बीजेपी विचारधारा के धूर विरोधी दलों को एक मंच पर लाना है. इस दौरान लालू प्रसाद ने उनके ऊपर लगे आरोपों पर भी सफाई दी.

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उन्होंने कहा की हमने कुछ भी गलत नही किया है. मेरी संपत्ति का पूरा ब्यौरा हमारी साईट पर मौजूद है. जो आरोप लगाये जा रहे है वो राजनीती से प्रेरित है और सत्ताधारी सत्ता का दुरूपयोग कर रहे है. लालू ने बीजेपी और आरएसएस को धमकी भरे अंदाज में कहा की सुनो बीजेपी-आरएसएस वालो, मैं चाहे किसी भी स्थिति में क्यों न हु, मैं तुम्हे दिल्ली की कुर्सी से खींचकर नीचे लाऊंगा. साफ साफ कह रहा हूँ की मुझे धमकाने की हिम्मत न करो.


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