दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कोलकाता में एक चुनावी रैली के दौरान ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधने को लेकर इस्तेमाल की गई पीएम नरेंद्र मोदी की भाषा पर सवाल उठाया है.

सीएम केजरीवाल ने पूर्व में मोदी को लेकर की गई अपनी टिप्पणी और इस सप्ताह दिल्ली के जल संसाधन मंत्री कपिल मिश्रा के बयान का जिक्र करते हुए ट्विटर पर लिखा है, “दिसंबर में मेरे बयान और इस सप्ताह कपिल के बयान पर सवाल उठाने वाले पत्रकार प्रधानमंत्री की कल की भाषा पर चुप हैं.”

पीएम मोदी के इस बयान पर छिड़ा विवाद…

पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के अलीपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कोलकाता फ्लाईओवर हादसे को पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए ‘दैवीय चेतावनी’ करार दिया था. पीएम मोदी ने कहा था कि चुनाव के वक्त फ्लाईओवर का गिरना यहां के लोगों के लिए चेतावनी है, ताकि वह तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर सकें.

यह दैवीय घटना इस मायने में है कि यह हादसा चुनाव के ऐन वक्त पर हुआ है, ताकि लोगों को यह पता चल सके कि उन पर किस तरह की सरकार शासन कर रही है. ईश्वर ने यह संदेश भेजा है कि आज यह पुल गिरा है, कल वे पूरे बंगाल को खत्म कर देंगी. आपके लिए ईश्वर का संदेश बंगाल को बचाना है.

पश्चिम बंगाल के अलीपुर में पीएम मोदी के संबोधन का अंश

केजरीवाल ने एक अन्य ट्वीट में पत्रकारों से सवाल किया, “क्या यह किसी प्रधानमंत्री के लिए एक अच्छी भाषा है?”

दिसंबर में दिल्ली सरकार के दफ्तरों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के छापे के बाद मोदी को ‘कायर और मनोरोगी’ बताने पर केजरीवाल की खूब निंदा हुई थी. उन्होंने छापेमारी के लिए परोक्ष रूप से मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया था.

वहीं, केजरीवाल के मंत्रिमंडल के सहयोगी कपिल मिश्रा ने भी पांच अप्रैल को मोदी की आलोचना करते हुए कहा था कि मोदी पाकिस्तान की खुफिया सेवा इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के ‘एजेंट’ की तरह काम कर रहे हैं.

उनकी नाराजगी पठानकोट में दो जनवरी को वायुसेना के अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले की जांच के लिए पाकिस्तानी टीम को भारत आने की अनुमति देने को लेकर थी. (thequint.com)


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