नई दिल्ली | हाल फ़िलहाल में देश के अलग अलग कोनो में भीड़ की बर्बरता की कई घटनाए हुए है. इन घटनाओ ने न केवल आम जन बल्कि देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी झकझोर कर रख दिया है. पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इन घटनाओ की निंदा करते हुए कहा की गौभक्ति के नाम पर हो रही हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार नही की जा सकती. इसके बाद राष्ट्रपति ने भी ऐसी घटनाओ पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा की हमें ऐसी घटनाओ को रोकने के लिए सतर्क रहना होगा.

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हालाँकि विपक्षी दल लगातार सत्तारूढ़ बीजेपी पर कथित गौरक्षको को संरक्षण देने का आरोप लगाया है. इसके पीछे की बड़ी वजह यह है की ज्यादातर घटनाओ में बीजेपी नेता या उनसे सम्बंधित संगठनो के नेताओ की संलिप्ता पायी गयी है. अभी हाल ही में झारखण्ड के रामगढ में अलीमुद्दीन अंसारी की गौमांस के शक में पीट पीटकर हत्या कर दी गयी. इस मामले में पुलिस ने स्थानीय बीजेपी नेता नित्यानंद को गिरफ्तार किया है.

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अब इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी चुप्पी तोड़ी है. रविवार को सोशल मीडिया पर दिल्ली के पार्टी कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने बिना नाम लिए कहा की देश में नफरत की राजनीती की हवा चल रही है. ऐसी राजनीती से केवल नुक्सान ही हो रहा है. अगर नेता इससे बचे तो ही कुछ सुधार संभव है.

अरविन्द केजरीवाल ने उन लोगो की भी भत्सर्ना की जो इन घटनाओ को अंजाम दे रहे है. उन्होंने कहा की कोई भी धर्म हिंसा करना नही बल्कि मदद करना सिखाता है. हर धर्म प्यार और देश सेवा की बात करता है. लेकिन देश में भीड़ धर्म के नाम पर हिंसा कर रही है जो किसी भी धर्म में जायज नही है. इसके पिछले केवल नफरत की राजनीती जिम्मेदार है. यह पहला मौका है जब केजरीवाल ने भीड़ तंत्र की बर्बरता पर बयान दिया है.

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