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कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने एक बार फिर से नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार द्वारा की गई अधूरी तैयारियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार बोल रही है कि 50 दिनों में स्थिति सामान्य हो जायेगी लेकिन करेंसी छापने के लिए ही छह महीने का समय लगेंगा.

उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि देश को 2203 करोड़ की करेंसी की जरूरत है. जबकि दोनों शिफ्टों में एक साल में 2012 करोड़ की करेंसी छापी जाती है. भारत में करेंसी के लिए चार प्रिंटीग प्रेस है. नासिक, देवास, मैसूर और सलबोनी में. रिजर्व बैंक ने एक लाख करोड़ रुपये की करेंसी बाजार में उतारी है जबकि देश को 15 लाख करोड़ करेंसी की जरूरत है.

सिब्बल ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए उन्हें एक नया नाम दिया हैं. उन्होंने पीएम मोदी को झांसे का राजा बताते हुए कहा कि एक थीं झासी की रानी, एक है झांसा का राजा. उन्होंने आगे कहा, बहुमत के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में बोलने से डरते हैं. उन्हें अपने लोगों से डर हैं. उन्होंने कहा, 17 नवंबर तक नोटबंदी से 47 लोग मर चुके है लेकिन देश का चौकीदार बढ़िया से सो रहा है.

उन्होंने नोट बंदी को लेकर पीएम मोदी के भरोसे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीएम ने कहा था कि नोटबंदी के बाद स्थितियां दो दिनों में सामान्य हो जायेगी. क्या यह हुआ? वित्त मंत्री ने कहा स्थिति दो दिनों में सामान्य हो जायेगी…हुई? उन्होंने कहा कि पीएम ने घोषणा की थी कि लोकपाल लाया जायेगा. क्या लोकपाल लाया गया?

इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि मोदी जी ने 80 लाख करोड़ रुपये ब्लैक मनी वापस लाने की मांग की थी, कहां गये 80 लाख के वादे?  सिब्बल ने कहा कि बीजेपी के पास पूरा समय था. उनके पास इस चीज को लेकर सारी सूचनाएं थी. उन्होंने कैश को डिपॉजिट किया और जमीन भी खरीद ली. क्या प्रधानमंत्री सोचते हैं कि सभी विपक्षी नेता के पास कालाधन है?फिर वो कहते हैं कि विपक्षी नेता चिंतित थे क्योंकि उनके पास पैसे को छिपाने का जगह नहीं है.


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