मलप्पुरमः इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भारत सरकार से 40,000 रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों को म्यांमार को सौंपने की अपनी योजना से पीछे हटने के लिएआग्रह किया है.

आईयूएमएल के राष्ट्रीय सचिव ई.टी. मोहम्मद बशीर ने कहा कि केंद्र की चाल निराशाजनक थी और इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप करने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) से संपर्क किया गया. बशीर ने कहा, इस सबंध में एक पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही भारत में संयुक्त राष्ट्र के संबंधित प्राधिकरण से मिलेंगा.

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उन्होंने कहा, “कई अंतरराष्ट्रीय संधियों और संयुक्त राष्ट्र सम्मेलनों के अनुसार, भारत, सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. ऐसे में आश्रय की मांग करने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों की मदद के लिए बाध्य है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इन शरणार्थियों के प्रति मानवीय विचार दिखाना चाहिए.

उन्होंने उप गृह मंत्री कीरन रिजिजू के उस बयान किआलोचना की. जिसमे उन्होंने अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों की निंदा की. उन्होंने कहा कि कई देशों रोहिंग्या शरणार्थियों के समर्थन में आगे आये है.

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बशीर ने कहा, ऐसे में भारत का आधिकारिक रुख चौंकाने वाला है. रिजिजू के बयान के बाद भारत में रोहिंग्या मुस्लिमों के  खिलाफ हमले बढ़े हैं.


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