अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला देते हुए नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की कि पवित्र महीना रमजान के दौरान भारत-पाक सीमा पर एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा करें.

उन्होंने कहा,  मैंने पीएम मोदी से कहा कि बहुत जरूरी है कि एक राजनीतिक पहल की जाए. यह सिर्फ लॉ ऐंड ऑर्डर का प्रॉब्लम नहीं है. हमें इसे गहराई पर जाकर देखना पड़ेगा. बॉर्डर पर तनाव बढ़ता जा रहा है. ऐसी सूरत न बने कि युद्ध हो. युद्ध हमें बर्बाद कर देगा. इतने सालों तक सियासत को बनाने में हमने जो मेहनत की है, वह सेकंडों में मिट जाएगी. किसी न किसी तरीके से बातचीत को शुरू करना पड़ेगा.’

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फारूक अब्दुल्लान ने कहा संघर्ष विराम समझौते के तहत रमजान के माह में नियंत्रण रेखा पर शांति बहाली की जा सकती है. अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान दोनों देशों के बीच इस तरह का प्रयास हुआ था. उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में वाजपेयी प्रधानमंत्री थे और उस दौरान सीमा पर तनातनी थी लेकिन वाजपेयी ने पहल की और वह लाहौर गए. उन्होंने पाकिस्तान सरकार से हाथ मिलाया और दोनों देशों के बीच समझौता हुआ.

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भारत और पाकिस्तान सरकार से अपील करता हूं कि कुछ ही दिनों में रमजान शुरू होने वाले हैं और ऐसे में यह अच्छा होगा कि दोनों सरकारें आगे आए और बातचीत करके संघर्ष विराम का रास्ता निकालें.


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