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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ ईमानदार नहीं रहा. पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के विचार पर सहमति जताते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र ने उन मुद्दों पर वादों को तोड़ दिया जिसके तहत कश्मीर का भारत में विलय हुआ था.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के दौरे के अंतिम दिन एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक में उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर में शांति लिए सुझाव देते हुए कहा कि हमें सबसे पहले स्वीकार करना चाहिए कि जम्मू एवं कश्मीर में पैसे की कोई समस्या नहीं है. आप इसे आर्थिक पैकेज भेजकर हल नहीं कर सकते.  यह बंदूक का मुद्दा नहीं है. जाहिर है इसमें बंदूक की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन मौलिक तौर पर यह बंदूक से संबंधित मुद्दा नहीं है.’

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उमर ने कहा कि उन्होंने राजनाथ सिंह से कहा कि कश्मीर बुनियादी तौर पर एक राजनीतिक समस्या है और जब तक हम यह स्वीकार नहीं कर लेते, तबतक हम इसका कोई समाधान नहीं पा सकते. उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं ने राजनाथ से कहा है कि केंद्र सरकार को साहस जुटाना चाहिए और कश्मीर मुद्दे की वास्तविकता स्वीकार करनी चाहिए.

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