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केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक के मुद्दे पर शुक्रवार को कहा कि जब एक दर्जन से ज्यादा इस्लामिक देश तीन बार तलाक प्रणाली को खत्म कर सकते हैं तो भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश के लिए इसे गलत कैसे माना जा सकता है.

उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान, ट्यूनिशिया, मोरक्को, ईरान और मिस्त्र जैसे दस से अधिक इस्लामिक देशों ने तीन तलाक को नियंत्रित किया है. यदि इस्मामिक देश कानून बनाकर इस प्रथा को बंद कर सकते हैं और यह शरिया के खिलाफ नहीं पाया गया, तो भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में संविधान की भावनाओं के अनुरूप इस बारे में सोचा जाता है तो यह शरिया के खिलाफ और गलत कैसे हो सकता है?

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केन्द्रीय कानून मंत्री ने कहा कि यह मुद्दा महिलाओं को समान अधिकार दिए जाने का है. उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा.

समान नागरिक संहिता को लेकर पूछे गये सवाल पर रविशंकर ने टिप्पणी करने से इंकार करते हुए इतना ही कहा कि  विधि आयोग इस पर विचार कर रहा है और उसने समाज के विभिन्न तबकों से इसपर राय मांगी है. चूंकि यह उनके विचाराधीन है, इसलिए उन्हें कोई टिप्पणी नहीं करनी है.

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