नई दिल्ली | दिल्ली में होने वाले एमसीडी चुनावो में बिना VVPAT लगी ईवीएम् मशीनो का ही इस्तेमाल होगा. दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसमे उन्होंने मांग की थी की एमसीडी इलेक्शन VVPAT लगी ईवीएम् के जरिये कराये जाए. हाई कोर्ट ने इस याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा की आखिरी समय में इस तरह का आदेश नही दिया जा सकता.

एमसीडी में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद ताहिर ने हाई कोर्ट में याचिका डाल गुहार लगाई थी की एमसीडी इलेक्शन VVPAT लगी ईवीएम् के जरिये कराये जाए. इसके लिए दोनों की तरफ से तर्क दिया गया की चूँकि ईवीएम् में छेड़खानी की जा सकती है इसलिए वोटर को पता होना चाहिए की उसने किसको वोट दी है. दोनों का यह भी तर्क था की केवल ईवीएम् के जरिये निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना संभव नही है.

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इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एके पाठक ने कहा की इस समय VVPAT लगी जनरेशन 2 और जनरेशन 3 ईवीएम् लगवाने का आदेश नही दिया जा सकता. इससे चुनाव पर असर पड़ सकता है.  हालाँकि बहस के दौरान कोर्ट ने दिल्ली चुनाव आयोग से सवाल किया की बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी के केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नही किया जा रहा? उन मशीनो का चरणबद्ध तरीके से इस्तेमाल होना चाहिए.

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हाई कोर्ट के आदेश को केजरीवाल के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. वो पहले ही ईवीएम् की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर चुके है. दिल्ली चुनाव आयोग ने इस बात का जिक्र अदालत में भी किया. उन्होंने कहा की केजरीवाल ने ईवीएम् पर जिस तरह से सवाल खड़े किये है उससे जनता में एक गलत सन्देश जा रहा है. बताते चले की VVPAT मशीन से मतदान होने के बाद उस पार्टी के निशान की पर्ची निकलती है जिसे वोट दिया गया है.

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