आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्द्दीन ओवैसी ने गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार पर आये विशेष अदालत के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 24 में से किसी भी आरोपी को फांसी की सजा नहीं हुई हैं.

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि गुलबर्ग सोसाइटी में 69 लोग मारे गए थे. 24 आरोपियों में से किसी को फांसी की सजा नहीं. एहसान जाफरी के इंसाफ के लिए हत्यारों को फांसी की सजा हेतु और क़ानूनी लड़ाई लड़ने की ज़रूरत है.

उन्होंने अगले ट्वीट में कहा कि गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार भारत के इतिहास का काला दिन बताते हुए कहा कि इस मामले में फांसी की सजा दी जानी चाहिए थी. 10 वर्ष की सजा पर्याप्त नहीं हैं. हैं.

उन्होंने कहा “बड़े दोषियों को छोड़ना नहीं चाहिए. इस पर अपील की जानी चाहिए और साजिश के आरोप भी लगाए जाने चाहिए.”


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