संसद का मानसून सत्र सोमवार (17 जुलाई) से शुरू होने जा रहा है. लेकिन सत्र के शुरू होने से पहले ही इसके हंगामेदार रहने के पूरे आसार है. कांग्रेस ने साफ़ कर दिया है कि वो सरकार को मौजूदा मुद्दों पर घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी.

रविवार को सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस ने कहा कि बंदूक कश्मीर में तनाव समाप्त करने का रास्ता नहीं हो सकता है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार ने कश्मीर में बातचीत के सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं, जिससे राजनीतिक घुटन की स्थिति बनी है. बंदूक से कश्मीर में तनाव का समाधान नहीं निकाला जा सकता. अगर सरकार सोचती है कि कश्मीर में तनाव समाप्त करने का एकमात्र रास्ता बंदूक है, तो हम उनके साथ नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि पहले जब भी कश्मीर का मुद्दा उठा, उसमें पाकिस्तान के बारे में चर्चा हुई, लेकिन अब हम चीन के बारे में पढ़ और सुन रहे हैं। आजाद ने कहा कि सिक्किम सेक्टर में भूटान के पास चीन के साथ जारी गतिरोध के विषय पर भी चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडे मुद्दों पर सरकार के साथ हैं, लेकिन आतंरिक एवं बाह्य सुरक्षा के कुछ संवेदनशील मुद्दे हैं और इन पर सत्र के दौरान चर्चा किए जाने की जरूरत है.

उन्होंने आगे कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों के अलावा विपक्ष मध्यप्रदेश में किसानों से जुड़े मुद्दे, जीएसटी से प्रभावित कपड़ा उद्योग एवं कर्मचारियों की समस्या, असम में बाढ़ की स्थिति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को चर्चा के लिए आगे आना चाहिए और विपक्ष की बात को सुनना चाहिए.


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