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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने गोधरा कांड के लिए दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों को जिम्मेदार ठहराया हैं. 2002 में गोधरा स्टेशन पर कारसेवकों से भरे कोच को आग के हवाले कर दिया गया था जिसके बाद पुरे गुजरात सहित देश भर में दंगे शुरू हो गए थे. गुजरात में सरकारी आकड़ों के मुताबिक़ 2000 से ज्यादा मुसलमान मारे गए थे.

काटजू ने इस बारे में फेसबुक पर लिखा ‘गुजरात के गोधरा में 2002 में हुए साम्प्रदायिक दंगों में 2000 से अधिक मुसलमानों की मौत हुयी थी. इसमें कांग्रेस के एक पूर्व मुस्लिम सांसद एहसान जाफरी भी शामिल थे. कुछ लोगों ने इस घटना को साबरमती एक्सप्रेस में हिंदू समुदाय के 54 लोगों को आग लगाकर मौत के घाट उतारे दिए जाने के बाद की प्रतिक्रिया बताया. कहा गया कि साबरमती एक्सप्रेस में हुई घटना के बाद यह हिंदुओ में पनपे आक्रोश का नतीजा था.’

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उन्होंने आगे लिखा कि ‘इस क्रिया की प्रतिक्रिया वाले सिद्धांत से मैं इत्तेफाक नहीं रखता. नाजियों ने भी यहूदियों के विरुद्ध 10 नवंबर 1938 में किए गए अत्याचार को पेरिस में जर्मन राजनयिक की हुई हत्या के बाद जन समुदाय में पनपे आक्रोश का नतीजा बताया था. जबकि सबको पता है कि यह गोएरिंग, हिमलर और हेड्रिक द्वारा पहले से सुनियोजित षड़यंत्र था.’

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उन्होंने आगे लिखा, ‘मेरा अपना व्यक्तिगत मत है कि गोधरा दंगों के पीछे कुछ दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों की सुनियोजित चाल थी। इन हिंदू संगठनों ने साबरमती एक्सप्रेस में अपने ही समुदाय के कुछ लोगों की हत्या की साजिश रची, जिससे मुस्लिमों पर आरोप मढ़ा जा सके. गोधरा की घटना मुझे ग्लिविट्ज घटना की याद दिलाती है.’

जनसता इनपुट के साथ

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