नई दिल्ली। हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या और जेएनयू से जुड़ी घटना को लेकर राज्यसभा में काफी हंगामा हुआ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने सरकार पर हमला बोलते हुए दिल्ली की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए वहीं राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने सेकुलरिज्म औऱ राष्ट्रवाद के मुद्दे पर सरकार को कड़ी नसीहत दी।

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गुलाम नबी आजाद ने कहा कि तीन सितंबर का लेटर तो नॉर्मल था लेकिन अक्टूबर का अपग्रेड होकर आता है। पहला लेटर अंडर सेक्रेटरी लिखते हैं उसके बाद डिप्टी सेक्रेटरी और फिर तीसरा लेटर एचआरडी मंत्रालय से जॉइंट सेक्रेटरी लिखते हैं। तीनों ही लेटर में यूनिवर्सिटी में एंटी नेशनल एक्टिविटीज के बारे में पूछा जाता है। ये सिलसिला चला और उसके बाद वाइस चांसलर को इन छात्रों को यूनिवर्सिटी औऱ हॉस्टल से निकाल दिया जाता है। वो बाहर ही एक टेंपररी झोपड़ी में रहने लगते हैं।

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केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के कल दिए गए जवाब कि जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि मंत्री जी ने कल कहा कि उसने किसी के ऊपर आरोप नहीं लगाया है। उसका फेलोशिप रोक दिया गया, उसे प्रताड़ित किया गया। उसे एंटी नेशनलिस्ट कहा गया। रुलिंग पार्टी की स्टूडेंट विंग एबीवीपी इस तरह से एक छात्र के गले में फांसी के फंदे की वजह बनी औऱ ये कहते रहे कि उसने आत्महत्या की। आजाद ने पूछा कि ये अचानक क्या बात हुई कि एबीवीपी अचानक ही हर यूनिवर्सिटी की सेंट्रल स्टेज पर आ गया। सत्ताधारी पार्टी उसको एक मुद्दा बना रही है कि कौन लेफ्टिस्ट है कौन नहीं। मैं सत्ताधारी पार्टी को सिर्फ ये बताना चाहता हूं कि शीशमहल में रहने वाले दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते क्योंकि सेकुलरिज्म औऱ राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आप लोग शीशमहल में रहते हो और हम लोग फौलाद के घर में रहते हैं।

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आजाद ने सरकार के रवैये पर चुटकी लेते हुए कहा कि आप पहली दफा सेकुलरिज्म और नेशनलिज्म की बात कर रहे हैं और हम कई सालों से कर रहे हैं। हमारी एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी की तरह मैं जोर से नहीं समझा सकता हूं। एक मिसाल देते हुए आजाद ने कहा कि हम तो उम्र भर प्याज खाए हुए हैं आप उन्हें बोल रहे हैं कि नेशनलिज्म, आप लोग नए मुसलमान बने हैं इसलिए आप लोग हमें नेशनलिज्म के बारे में मत बताइए क्योंकि मुसलमान प्याज ज्यादा खाता है। आप नए-नए मुसलमान बने हैं। आप कहते हैं कि राहुल गांधी दिखाए उसमें नेशनलिजम है या नहीं, वो कोई नया मुसलमान थोड़ा ही बना है उसके अंदर पहले से ही नेशनलिज्म है। उसके बाप, दादा, परदादा औऱ न जाने कौन कौन सबमें नेशनलिज्म है। (ibnlive)

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