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लउनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती ने नोट बंदी को लेकर केन्द्र सरकार के कदम को तानाशाही और अहंकार से भरा बताते हुए आज कहा कि देश के करोड़ों गरीबों और मेहनतकशों को इससे पीड़ा हो रही है और जब सरकार इस पीड़ा को समझ न पाए तो उसके बुरे दिन दूर नहीं.

मायावती ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा के इस तानाशाही और अहंकारी व्यवहार की सजा जनता उसे जरूर देगी. यह आर्थिक आपातकाल लगाने वाला फैसला है. इससे देश के करोड़ों गरीबों और मेहनतकशों को पीड़ा हो रही है. उनकी पीड़ा को अपना समझकर बसपा ने केन्द्र के फैसले पर कल कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब देश की शासक पार्टी देशवासियों और आम नागरिकों की पीड़ा नहीं समझ पाए तो ऐसी सरकार के बुरे दिन दूर नहीं हैं. यह जनता में आम चर्चा भी है.’’

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस फैसले को बसपा के लिए आर्थिक आपातकाल करार दिया था, जिस पर मायावती ने कहा कि शाह को शायद मालूम नहीं है कि जमीन से जुड़े बसपा के छोटे बड़े कार्यकर्ताओं ने कठिन से कठिन समय में भी अपनी पार्टी को आर्थिक तकलीफ नहीं होने दी है और वे पूरे तन, मन, धन से बसपा मूवमेंट (आंदोलन) को सहयोग करते रहे हैं, जिससे पूरा देश वाकिफ है.


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