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केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मोदी सरकार के अच्छे दिन के नारे से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि अच्छे दिन कभी नहीं आते हैं, यह नारा हमारे गले की हड्डी बन गया है.

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा, ‘अच्छे दिन सिर्फ मानने से होते हैं. उन्होंने कहा कि यह बात असल में मनमोहन सिंह की छेड़ी हुई थी. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिल्ली में एक एनआरआई मीटिंग में पहली बार इस नारे का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि ‘अच्छे दिन आएंगे’.’

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गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी यही नारा दोहराया लेकिन अब यह सरकार के गले में हड्डी की तरह अटक गया है. गडकरी ने आगे कहा कि भारत अतृप्त आत्माओं का महासागर है, यहां अमीर लोग भी सवाल करते हैं कि अच्छे दिन कब आएंगे.

उन्होंने कहा, ‘भारत अतृप्त आत्माओं का महासागर है, यहां जिसके पास सब कुछ है, उसे और पाने की चाहत होती है. हालांकि यह सोच गलत नहीं है, लेकिन यहां अमीर भी असंतुष्ट हैं और ऐसे ही लोग सवाल करते हैं कि अच्छे दिन कब आएंगे?’

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