समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आज़म खान के खिलाफ फतवा जारी हुआ है. ये फतवा अहले सुन्नत के मशहूर दारुल उलूम जामिया नईमिया के दारुल इफ्ता ने जारी किया है.

दरअसल तंजीम अवामे अहले सुन्नत के सदर मोहब्बे अली नईमी ने दारुल उलूम जामिया नईमिया के दारुल इफ्ता से फतवा मांगा था. जिसमे उन्होंने कहा था कि सींगनखेड़ा के मझरे आलियागंज और शौकतनगर के निकट तामीर की गई यूनिवर्सिटी के लिए कब्रें खोदकर सड़क बना दी गई.

और पढ़े -   आदिवासी के घर खाना खाने पहुंचे अमित शाह, शौचालय को लेकर हुई फजीहत

इसके साथ ही शौकतनगर और आलियागंज के मुसलमानों की जमीन यूनिवर्सिटी के लिए प्रशासन की ताकत के बल सस्ते में खरीदी गई. क्या ऐसा करना शरीयत के मुताबिक दुरुस्त है, ‘जबकि ऐसा कराने वाले मुसलमान ही नहीं, बल्कि अपने आपको मुसलमानों के ठेकेदार भी समझते हैं.’

इस पर फतवे में कहा गया कि  ‘मुसलमानों की कब्रों का अहतराम लाजिम और जरूरी है. उन पर चढ़ना, रोड बनाना, मकान व दुकान बनाया नाजायज व हराम है. कब्रों की तौहीन मुसलमान मुर्दों को ईजा व तकलीफ पहुंचती है. कुरान व हदीस और फिका की किताबों में इसकी वजाहत मौजूद है और जो लोग ऐसा करते हैं वह मलऊन और मरदूद हैं. ऐसे लोग सख्त अजाब-ए- इलाही के हकदार हैं.’

और पढ़े -   गौशाला में गौ-माताओं को मार कर खालों की तस्करी करता था बीजेपी का गौभक्त नेता

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE