कोलकाता | अभी हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे. यहाँ अगले साल निकाय चुनाव है इसलिए वो पश्चिम बंगाल में पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए पूरा दमखम लगा रहे है. इसी कड़ी में उन्होंने नक्सलबाड़ी इलाके के एक गाँव में महाली जनजाति के एक परिवार में भोजन किया था. अमित शाह की इस तरह खाना खाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई भी हुई.

लेकिन मंगलवार को यह परिवार अचानक से लापता हो गया. इसके बाद बुधवार को वो अचानक से सामने आये और एलान किया की वो टीएमसी में शामिल हो रहे है. यह पूरा घटनाक्रम थोडा संदेहस्पद है क्योकि जब महाली परिवार इस बात की घोषणा कर रहा तब उनकी आँखों में आंसू थे. ऐसा लग रहा था की किसी दबाव के कारण वो टीएमसी में शामिल हो रहे है.

दरअसल कुछ दिन पहले अमित शाह ने नक्सलबाड़ी दौरे के दौरान दक्षिण कटियाजोट गाँव में रहने वाले राजू के घर पर भोजन किया था. यह परिवार केवल महाली भाषा जानता है और कई सालो से बीजेपी के साथ जुड़ा हुआ है. अमित शाह की भोजन खाने की तस्वीर जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो एक नाटकीय घटनाक्रम में मंगलवार को यह परिवार लापता हो गए.

बीजेपी नेता दिलीप बरूई ने बताया की हमें मंगलवार को सूचना मिली की राजू एवं उसकी पत्नी लापता हो गए है तो हमने तुरंत नक्सलबाड़ी पुलिस स्टेशन जाकर इसकी शिकायत की. बरुई ने यह भी बताया की अमित शाह के उस परिवार में भोजन करने के बाद तृणमूल कांग्रेस के लोग लगातार उन पर दबाव बना रहे थे. लेकिन बुधवार को जब राजू और उसकी पत्नी सामने आये तो तृणमूल कांग्रेस के नेता गौतम देब भी उनके साथ थे.

राजू ने आँखों में आंसू के साथ कहा की वो तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन करके खुश है और नक्सलबाड़ी क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने का प्रयास करेंगे. इस दौरान उनकी पत्नी बगल में खड़े होकर रोती रही. राजू के बाद देब ने कहा की राजू ने ममता बनर्जी सरकार के विकास कार्यो से प्रभावित होकर तृणमूल ज्वाइन की है. उन पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव नही था. उन्हें जल्द बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी.


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