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सपा सुप्रिमों मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ पहुंचीं शीला दीक्षित ने  ने कहा कि बटला एनकाउंटर पर एक सीएम होने के नाते जो जरूरी कदम होने चाहिए वह उठाए थे. उन्होंने कहा कि एनकाउंटर कहीं भी हों परिजनों को दुख तो होगा ही. शीला दीक्षित का ये बयान राष्टीय उलेमा कौंसिल के विरोध के बाद आया हैं.

शनिवार को आयोजित पद यात्रा रैली से पहले राष्टीय उलेमा कौंसिल ने नगर के रैदोपुर स्थित गांधी प्रतिमा के सामने कांग्रेस पार्टी की सीएम पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन किया था.

राष्टीय उलेमा कौंसिल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि 19 सितम्बर 2008 में हुए फर्जी बाटला हाउस इंकाउन्टर में जिले के दो नौजवानो मारे गये थे. उस समय शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री थी.

आरोप में आगे कहा गया था कि शीला ने अल्लामा शिब्ली नोमानी, राहुल सांस्कृत्यायन, कैफी आजमी, पंडित हरिऔध सिंह उपाध्याय की पाक सरजमी आजमगंढ को आतंकवाद की नर्सरी तक कह डाला और इंनकाउन्टर की एक जांच तक नही करायी.


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