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कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोट बंदी के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि देश में आर्थिक इमरजेंसी जैसे हालात हो गए हैं. उन्होंने इस तुगलकी फरमान बताते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केबिनेट को विश्वास में न लेकर तुगलकी निर्णय ले लिया.

उन्होंने आगे कहा, जिनके पास कालाधन है, उन्हें काेई असर नहीं हो रहा है. गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार जिन्हाेंने अपनी बचत से धन जमा किया है, वे परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं. मजदूरी करने वाले रोजाना 2 से 4 सौ रुपये कमाने वाले हफ्ते में मजदूरी पाते हैं, उनके पास 5 सौ व 1 हजार के नोट हैं, वे चाय पीने मोहताज हैं.

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काले धन को लेकर सिंह ने कहा, कालाधन आने वाला था, कहां आया. कालाधन रियल इस्टेट में है. उन्होंने कहा कि देश में कालाधन रियल इस्टेट, सोने-चांदी के जेवरात और विदेश में है, वहां सरकार की नजर नहीं है.

इसके अलावा उन्होंने सिमी सदस्यों के कथित एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए कहा, शिवराज सरकार की टूथ ब्रश की चाबी बनाकर ताले खाेले जाने की बात गले नहीं उतरती. उन्होंने इस पुरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि इसकी हकीकत सामने आनी चाहिए.

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इसके अलावा उन्होंने कहा, रामदेव बाबा नहीं है, वह ठग है. उन्होंने बड़े नोट बंद करने की बात की थी जबकि सरकार ने तो 2000 रुपए का नोट शुरू कर दिया.


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