नई दिल्ली | शनिवार को पुरे देश में सबसे बड़ा कर सुधार लागू हो गया. जीएसटी के नाम से पुर देश में नए कर प्रणाली लागु हो गयी. जीएसटी लागु होने के बाद पूरा भारत एकीकृत बाजार बन गया है. अब पुरे देश में एक ही टैक्स दरे लागु होंगी. जीएसटी लागु होने से पहले पुरे देश में अलग अलग टैक्स दरे थे क्योकि राज्य सरकारे अपना रेवन्यू बढाने के लिए वैट दरो को कम या ज्यादा करने का अधिकार रखती थी.

यही कारण था की दिल्ली में वैट दर कम होने की वजह से वहां सामान सस्ता था तो उत्तराखंड में वैट दर अधिक होने से महंगा. इसी विषमताओ को हटाने के लिए जीएसटी को लाया गया. अब पुरे देश में सामान टैक्स दर होने की सभी सामान एक ही कीमत पर मिलेंगे. जीएसटी को लागु करने के लिए पिछले 17 साल से मसक्कत चल रही थी लेकिन विपक्ष में रहते हुए बीजेपी ने इस कर प्रणाली का विरोध किया जिसकी वजह से यह करीब 4 साल बाद लागु हो सका.

फ़िलहाल बीजेपी जीएसटी लागु होने को आजादी के जश्न की तरह मना रही है. यही बात कांग्रेस को रास नही आई और उन्होंने इस जश्न का बहिष्कार करने का फैसला किया. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने बीजेपी सरकार से सवाल करते हुए कहा की जब नई प्रणाली का मकसद भी पुराणी प्रणाली की तरह टैक्स वसूलना ही है ,फिर केंद्र सरकार किस बात का जश्न मना रही है. आखिर क्यों इसे आजादी के जश्न की तरह मनाया जा रहा है?

इसके अलावा मनीष ने सरकार से यह भी पुछा की क्या सरकार नई प्रणाली के चलते कारोबार में होने वाले बदलाव से जो डाटा एकत्र होगा , उसकी सुरक्षा करने के लिए भी तैयार है? बताते चले की जीएसटी लागु होने के जश्न में कांग्रेस के अलावा , लालू प्रसाद यादव की राजद, कम्युनिस्ट पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने हिस्सा नही लिया. उनका कहना है की सरकार आधी अधूरी तैयारी के साथ जीएसटी लागु कर रही है जो देश के लिए घातक साबित हो सकती है.


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