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लखनऊ | उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में सारी पार्टिया अपनी जीत की जुगत भिडाने में लगी हुई है. ऐसे में समाजवादी पार्टी भला कहाँ पीछे रहने वाली है. समाजवादी परिवार में मची कलह से हुए नुक्सान की भरपाई करने के लिए मुलायम सिंह यादव हर वो दाँव चलना चाहते है जो विधानसभा चुनाव में उनकी जीत सुनिश्चित कर सके. इसके लिए वो गठबंधन का उपाय भी अपना सकते है.

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खबर है की आने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी , कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार , दोनों पार्टिया इसके विरोध में नही है. मालूम हो की कुछ दिन पहले राहुल गाँधी ने अपने सारे विधायको से वन टू वन मुलाकात की थी. इस मुलाकात में राहुल गाँधी ने सभी विधयाको से पुछा था की उत्तर प्रदेश में किसकी छवि साफ़ सुथरी है.

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पता चला है की इस मीटिंग में करीब 20 कांग्रेसी विधायको ने राहुल गाँधी को समाजवादी पार्टी से गठबंधन की सलाह दी थी. लेकिन कांग्रेस के अन्दर थोड़ी बैचैनी इसलिए दिख रही है क्योकि समाजवादी परिवार में चल रही कलह की वजह से यह दो धडो में बंट चुकी है. ऐसे में अखिलेश के साथ नजदीकी बढ़ाकर कांग्रेस मुलायम गुट की नाराजगी मोल नही लेना चाहती.

उधर शिवपाल सिंह यादव भी प्रदेश में महागठबंधन करने की फिराक में है. इसलिय कुछ दिन पहले शिवपाल यादव , चौधरी अजीत सिंह से मिले थे. ज्ञात हो की अजित सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करीब 25 सीटो पर अच्छी पकड़ रखते है. अगर ऐसा होता है तो मुलायम, अजीत और राहुल गाँधी मिलकर प्रदेश में समीकरण बदल सकते है. केवल सीट बंटवारे पर तीनो दलों की बात बिगड़ सकती है.

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