नई दिल्ली | दिल्ली एमसीडी चुनावो में बीजेपी की बम्पर जीत से जहाँ प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी गदगद है वही केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल कुछ खफा खफा नजर आ रहे है. दरअसल पिछले कुछ दिनों से विजय गोयल और मनोज तिवारी के बीच सब कुछ ठीक नही चल रहा है. दोनों के बीच की यह तकरार उस समय खुलकर सामने आ गयी जब विजय गोयल ने चुनकर आये नए पार्षदों के स्वागत में के समारोह आयोजित किया.

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हालाँकि केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता होने के नाते विजय गोयल इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करने का हक़ रखते थे लेकिन दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष पद की धोंस दिखाते हुए मनोज तिवारी ने सभी पार्षदों को इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने से मना कर दिया. हालाँकि इसके बाद भी करीब 50 पार्षद , स्वागत समारोह में में शरीक हुए जिससे मनोज तिवारी खफा हो गए.

मनोज ने उन सभी पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए लिखित में जवाब देने को कहा. मनोज के इस कदम से विजय गोयल के साथ उनकी तनातनी खुलकर सामने आ गयी. मनोज के इस कदम से दिल्ली बीजेपी दो फाड़ होने के कगार पर पहुँच गयी. क्योकि मनोज तिवारी ने यह भी आदेश जारी कर दिया की जो जो पार्षद उस कार्यक्रम में गए उनको निगम में कोई भी बड़ी जिम्मदारी नही दी जाएगी.

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मनोज का इस तरह विजय गोयल के खिलाफ मोर्चा खोल लेने से शीर्ष नेतृत्व के माथे पर पसीना आ गया. उनको लगता है की इससे दिल्ली में पार्टी की छवि को नुक्सान पहुँच रहा है. इसलिए शीर्ष नेतृत्व ने दोनों को आपसी मतभेद सुलझाने के आदेश दिए है. दिल्ली बीजेपी की कार्यकारणी बैठक के पहले दिन भी यह मुद्दा उठा. इसके बाद गोयल ने बीजेपी महासचिव और मनोज तिवारी से मुलाकात की.

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