‘भारत माता’ की जयकार को भारतीय जनता पार्टी एक राष्ट्रीय मुद्दा बनाए रखना चाहती है. इस मामले में ताजा बयान दिया है केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू ने.

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पार्टी के चीफ असद्दुदीन ओवैसी और उनके विधायक वारिस पठान पर हमला करते हुए नायडू ने सवाल किया कि मां को पूजने में क्या गलत है? गौरतलब है कि दोनों ही नेताओं ने ‘भारत माता की जय’ कहने से इनकार कर दिया था.

नायडू ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा कि हर बात का अतिवादी अर्थ निकालना और उसका मजाक उड़ाना इस दौर में एक फैशन बन गया है. ‘मेरी जान ले ली जाए तो भी मैं ‘भारत माता की जय’ नहीं कहूंगा’, ऐसा कहने वाले यह कैसे भूल जाते हैं कि फांसी के फंदे पर लटकने से पहले भगत सिंह ने भी ‘भारत माता की जय’ कहा था.

‘भारत माता’ देशप्रेम है!

ओवैसी का नाम लिए बगैर ही नायडू ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी ‘वंदे मातरम’ ने सभी भारतीयों को एकजुट किया था. उसका मतलब, मां आपको प्रणाम. इसमें आपत्ति क्या है.

नायडू ने सवाल किया कि वो जानना चाहेंगे कि कौन-सा धर्म मां की पूजा करने की इजाजत नहीं देता. वहीं ‘एकेश्वरवाद’ को मानने वाले मुस्लिम समाज के लिए ‘अल्लाह’ को छोड़कर किसी और की जय कहना अवांछनीय रहा है.

‘भारत माता की जय’, किसी ईसाई माता, हिंदू माता, मुस्लिम माता, अगड़ी-पिछड़ी माता की जय नहीं है. ‘भारत माता की जय’ का मतलब भारत माता की मूर्ति की पूजा नहीं है, बल्कि मन में देशप्रेम की भावना होना है. वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्री

‘जय हिंद’ कहना भी जीत है

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में इस मामले पर कमेंट करते हुए कहा था कि ‘भारत माता की जय’ नहीं कहने वाले लोग ‘जय हिंद’ भी कहें, तो यह उनकी पार्टी की जीत है, जबकि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि ‘भारत माता की जय’ के मुद्दे पर कोई बहस नहीं की जा सकती.

बहरहाल नायडू ने ‘भारत माता की जय’ नहीं कहने वाले लोगों को ओपन डिबेट का चैलेंज दिया. साथ ही कहा कि ऐसे बयान वोटबैंक की राजनीति करने वाले लोगों द्वारा दिए जाते हैं. (thequint)


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