बीजेपी ने कहा है कि अगर महबूबा मुफ्ती जम्मू कश्मीर की चीफ मिनिस्टर बनती हैं तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी। महबूबा के पिता और राज्य के मौजूदा चीफ मिनिस्टर मुफ्ती मुहम्मद सईद की तबीयत बिगड़ती जा रही है। जम्मू कश्मीर के सीनियर बीजेपी लीडर और स्टेट के हेल्थ मिनिस्टर चौधरी लाल सिंह ने कहा कि ‘सत्ता हस्तांतरण’ पीडीपी का ‘अंदरूनी मामला’ है और इसमें BJP कोई ‘दखल नहीं देगी’।

BJP लीडर का यह बयान PDP के लिए राहत की बात है क्योंकि इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि BJP सत्ता हस्तांतरण की इजाजत देने के लिए रोटेशन बेस पर कम से कम तीन साल के लिए सीएम की कुर्सी अपने पास रखने की मांग कर सकती है। हालांकि, BJP और RSS ने महबूबा की विचारधारा संबंधी झुकाव को लेकर निजी तौर पर चिंता जताई थी। महबूबा अलगाववादियों के करीब मानी जाती हैं।

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सिंह ने इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में कहा, ‘हम गठबंधन में सहयोगी हैं और सफलतापूर्वक सरकार चला रहे हैं। हमें इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी अगर महबूबा मुफ्ती राज्य की चीफ मिनिस्टर बन जाती हैं क्योंकि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है।’ 56 साल की महबूबा की ताजपोशी कभी भी हो सकती है क्योंकि सईद को सीने में तेज दर्द और बुखार की शिकायत पर 24 दिसंबर को प्लेन से दिल्ली लाकर एम्स के ICU में भर्ती कराया गया था। एम्स के प्रवक्ता ने कहा कि सीएम की हालत ‘गंभीर लेकिन स्थिर’ बनी हुई है। उनको ‘एंटिबायोटिक और एंटीफंगल ट्रीटमेंट’ और ‘ऑक्सीजन थेरेपी’ दी जा रही है।

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सिंह ने कहा, ‘PDP-BJP गठबंधन सरकार चलाने की जिम्मेदारी साझा कर रही है। हम सत्ता हस्तांतरण के लिए उनसे कोई और मिनिस्ट्रियल पोस्ट नहीं मांगेंगे और न ही उनके सामने कोई डिमांड रखेंगे।’ लेकिन PDP के सामने सबसे बड़ा काम सत्ता हस्तांतरण को सहज बनाना है। ऐसा इसलिए कि पार्टी के दो सीनियर लीडर और सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग और तारिक हमीद कर्रा उनके समर्थक लगभग हर मुद्दे पर पार्टी की आलोचना कर रहे हैं।

PDP के चीफ स्पोक्सपर्सन महबूब बेग ने कहा, ‘महबूबा ने इलाके में राजनीतिक विकल्प मुहैया कराने में अहम रोल अदा किया है। उन्होंने लगभग दो दशक काम किया और हमें उनको उसका श्रेय उनको देना होगा। इसको लेकर पार्टी में कोई दुविधा नहीं है।’ 79 साल के सईद पिछले साल नवंबर में जम्मू में कहा था कि महबूबा कामकाज संभालने में सक्षम हैं।

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महबूबा 1999 में बनी पीपीडी की फाउंडर मेंबर्स में हैं। 2008 में अमरनाथ श्राइन बोर्ड को जमीन के विवादास्पद पर हस्तांतरण कांग्रेस की गठबंधन सरकार से अलग होने में महबूबा और दूसरे PDP फाउंडर मेंबर और अब बागी नेता तारिक हामिद कर्रा का बड़ा हाथ था। साभार: नवभारत टाइम्स


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