इम्फाल | पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावो के नतीजे भले ही मिश्रित आये हो लेकिन बीजेपी ने अपनी रणनीति से पांच में से चार राज्यों में सरकार बनाने में सफलता पाई है. बीजेपी को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में प्रचंड बहुमत मिला है लेकिन गोवा और मणिपुर में बीजेपी दुसरे नंबर पर रही. यहाँ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. लेकिन कांग्रेस की शिथिलता ने बीजेपी को वहां भी सरकार बनाने का मौका दे दिया.

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गोवा में मनोहर परिकर के नेतृत्व में सरकार बन चुकी है जबकि मणिपुर में एन बिरेन सिंह के नेतृत्व में सरकार का गठन किया गया. 16 मार्च को परिकर सरकार पहले ही बहुमत साबित कर चुकी है जबकि बिरेन सिंह को आज बहुमत साबित करना था. खबर है की मणिपुर की बीजेपी सरकार ने सदन में बहुमत सिद्ध कर दिया है. यहाँ सरकार के पक्ष में 32 वोट पड़े है.

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जबकि बहुमत के लिए 31 सीटो की जरुरत थी. मालूम हो की 60 विधानसभा सीटो वाली मणिपुर में बीजेपी को 21 सीटे मिली थी जबकि कांग्रेस ने सबसे अधिक 28 सीटो पर कब्ज़ा जमाया था. जबकि एक-एक सीट लेफ्ट और तृणमूल कांग्रेस को मिली थी. चौकाने वाली बात यह है की जहाँ कांग्रेस तीन विधायको का समर्थन भी नही जुटा पायी वही बीजेपी ने 11 विधायको का इंतजाम कर लिया.

उधर मणिपुर और गोवा में बीजेपी की सरकार बनने पर उनकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने निशाना साधा है. शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने गोवा में बीजेपी की सरकार बनने पर इसे जनादेश का अपमान करार दिया. उन्होंने कहा की यहाँ की जनता ने बीजेपी को नकार दिया है, उन्होंने सरकार तो बना ली है लेकिन यह अस्थायी सरकार है. गोवा में भ्रष्ट गठबंधन कर सरकार बनायीं है इसलिए परिकार सरकार कभी भी गिर सकती है.

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