नई दिल्ली | केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने के बाद देश के ज्यादातर राज्यों में उन्होंने अपने पैर जमाये है. फ़िलहाल हालात ये है की देश के लगभग ज्यादातर राज्यों में बीजेपी की सरकार है. दक्षिण और उत्तर पूर्व के कुछ राज्यों को छोड़कर बीजेपी लगातार अपने पैर पसार रही है. लेकिन 26 मई को बीफ को लेकर मोदी सरकार के एक नोटिफिकेशन ने उत्तर पूर्व के लगभग सभी राज्यों में खलबली मचा दी है.

उत्तर पूर्व के लोगो को लग रहा है की मोदी सरकार , इस नोटिफिकेशन के जरिये उनकी संस्कृति पर हमला कर रही है. इसकी वजह से बीजेपी को आने वाले चुनावो में खासा नुकसान झेलना पड़ सकता है. इस बात का अंदेशा यहाँ के बीजेपी नेताओं को भी है. इसलिए उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को चेताते हुए कहा की अगर मोदी सरकार बीफ को लेकर अपने एजेंडे से पीछे नही हटी तो उनके राजनितिक मंसूबो पर पानी फिर सकता है.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार उत्तर पूर्व के सात राज्यों के बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों के अनुसार , बीजेपी का बीफ को लेकर जो रवैया है वो पार्टी को नुक्सान पहुंचा रहा है. उत्तर पूर्व के लोगो के लिए बीफ उनकी संस्कृति और परम्परा का हिस्सा है. इसलिए बीफ बैन का समर्थन करने वाली किसी भी पार्टी के लिए यहाँ जड़े ज़माना काफी मुश्किल है. यही कारण है की मेघालय में बीजेपी ने पिछले दो हफ्तों में ही अपने दो नेताओं से हाथ धोना पड़ा है.

नार्थ गारो हिल्स जिले के अध्यक्ष बाचु मराक और वेस्ट गारो हिल्स के अध्यक्ष बर्नार्ड मराक ने बीफ को लेकर पार्टी की विचारधारा से नाराजगी जताते हुए पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया. इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड , त्रिपुरा और सिक्किम के प्रदेश अध्यक्षों ने भी बीफ बैन का विरोध करते हुए कहा की इस पर पाबन्दी नही लगनी चाहिए. बताते चले की अमित शाह अगले हफ्ते अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर जायेंगे.


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