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हरियाणा के मुस्लिम बहुल इलाके मेवात में बकरीद के पहले बिरयानी में बीफ की जांच हेतु लिए जा रहे सैंपल की आलोचना करते हुए शुक्रवार को मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आलोचना की हैं.

माकपा ने इस बारें में कहा कि गौ सुरक्षा तथा संरक्षण अधिनियम के लागू होते वक्त उसने चेतावनी दी थी कि इसका इस्तेमाल धार्मिक अल्पसंख्यकों को आतंकित करने के लिए किया जा सकता है और यही किया जा रहा हैं.

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बयान में आगे कहा गया कि आरएसएस और भाजपा को वास्तव में गौ संरक्षण की कोई चिंता नहीं है. क्योंकि पार्टी ने गोवा में लोगों के बीफ खाने के अधिकार का बचाव किया हैं वहीँ पूर्वोत्तर में वह लोगों के बीफ सेवन के पक्ष में है.

माकपा ने कहा कि हरियाणा में अल्पसंख्यक आबादी बेहद कम है और केवल मेवात इलाके तक ही सीमित है और स्पष्ट तौर पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए यहाँ लोगों को आतंकित किया जा रहा है.

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