tauqueer-raza

इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने भोपाल में हुए सिमी सदस्यों के कथित एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार ने सिमी से जुड़े आठों कैदियों को जानबूझ कर जेल से भगाया और मुठभेड़ दिखाकर सरेआम उनकी हत्या कर दी. साथ ही उन्होंने जेलकर्मी की हत्या को साजिश बताते हुए इस पूरी घटना की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में की जाने की मांग की.

और पढ़े -   बगावती तेवर अपनाने पर अब शरद यादव पर गिरी गाज, राज्यसभा में पार्टी नेता के पद से हटाया

उन्होंने आगे कहा, आतंकवाद के नाम पर नौजवानों को जेल में डाला जा रहा है या फिर फर्जी एनकाउंटर में मारा जा रहा है. यह सबसे बड़ा आतंकवाद है और ये आतंकवाद ऐसा है जो प्लानिंग के साथ एक समुदाय विशेष की नस्लकुशी के लिए किया जा रहा है.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि थोड़ी देर को यह मान लिया जाए कि एनकाउंटर की कहानी सच है तो क्या यह सम्भव है कि जिन्हें पुलिस खूंखार आतंकवादी बना कर पेश कर रही है वो इतने नासमझ कैसे हो गए कि जेल से फरार होने के बाद सभी एक स्थान पर कैसे पहुंच गए. जबकि जेल से भागने वाला सुरक्षित ठिकाना खोजता है. उन्होंने आगे पूछा जेल से फरार होने के बाद उनके पास हथियार कहां से आए, किसने उपलब्ध कराए?

और पढ़े -   सपा नेता माविया अली का बयान, पहले हम मुस्लमान , फिर भारतीय

आईएमसी मुखिया ने आगे कहा, केन्द्र सरकार आरएसएस के इशारे पर मुसलमानों पर जुल्म कर रही है.  उन्होंने कहा सरकार मुसलमानों को बेवजह मारना बंद करे. अगर आरएसएस के इशारे पर ही काम करना है तो मुसलमानों को वक्त बता दे। तय समय पर वो सरकार की मंशा पूरी करने पहुंच जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने सकार को रवैया बदलने की हिदायत देते हुए कहा, अगर मुस्लिम युवा आपे से बाहर हो गए तो हालात मुश्किल हो जाएंगे.

और पढ़े -   मध्य प्रदेश निकाय चुनावो में जीत हासिल कर भी नुकसान में रही बीजेपी, मंदसौर में मिली करारी हार

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE