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समाजवादी पार्टी में मच रही कलह के बीच अब एमएलसी आशु मलिक ने पार्टी के सीनियर नेता आजम खान के खिलाफ मौर्चा खोलते हुए आरोपों की बारिश कर दी. उन्होंने आजम खान को मुस्लिम विरोधी बताते हुए हिंदू और मुस्लिम के बीच नफरत फैलाने वाला बताया.

आशु मलिक ने आज़म खान को भाजपा और आरएसएस का एजेंट बताते हुए कहा कि आंजम खां को 4.5 साल बाद कैसे मुसलमानों की याद आ गई? जब मुजफ्फरनगर दंगे हुए थे तो आजम खां ने अपना मोबाइल फोन तक बंद कर लिया था और किसी से कोई बात नहीं की थी. जबकि मेरे पास लगातार फोन आ रहे थे.

उन्होंने रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी आजम पर हमला बोलते हुए कहा कि इस यूनिवर्सिटी से मुस्लिम समुदाय का नहीं, बल्कि आजम खां को निजी लाभ हुआ है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रातों रात उत्तराखंड के राज्यपाल को उत्तर प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार देकर आजम खां की रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी को मान्यता दिलाई थी.

उन्होंने आगे कहा कि मैंने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर हाशिमपुरा और मलियाना कांड से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए पांच -पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा कराई थी. जिसमें 47 लोगों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है. जबकि अन्य लोगों की आर्थिक सहायता अभी तक रुकी हुई है. आजम खां अगर वह मुस्लिम हितैषी हैं तो उन रुके हुए पीड़ितों को मुआवजा दिलाएं.

इसके अलावा उन्होंने सपा सुप्राीमो मुलायम सिंह यादव के प्रति वफादारी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर पवन पांडे ने मेरे साथ मारपीट की थी. उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पवन पांडे को मंत्रिमंडल से भी बर्खास्त करने की मांग की हैं.


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