अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राममन्दिर निर्माण कानूनी ढंग से या आपसी संवाद से बनना चाहिए.इसको लेकर पार्टी की राय स्पष्ट है और इसका उल्लेख एक नहीं चार लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र में है.

जयपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का मत है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हों. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस विषय को सभी दलों के सामने रखा है, इस पर सार्वजनिक बहस करके चुनाव आयोग के पास सभी दलों को जाना चाहिए.

और पढ़े -   अमेरिका में बोले राहुल - असहिष्णुता और बेरोजगारी के चलते देश खतरे में जा रहा

गौहत्या को लेकर सवाल पर शाह कहा कि जहां जहां भाजपा की सरकारें है वहां गौहत्या पर रोक का कानून बना हुआ है, जहां तक गोवा के मुख्यमंत्री की ओर से बीफ को लेकर आये बयान का सवाल है वह मेरी संज्ञान में नहीं है.उन्होंने एससी/एसटी के क्रीमी लेयर के लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाने के सुझाव पर कहा कि यह फैसला संसद में सर्वदलीय बहस के बाद ही लिया जा सकता है.

और पढ़े -   टोल मांगने पर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष का जवाब, मैं सांसद हूँ और टोल फ्री भी

किसानों के कर्जे माफी पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि इस बारे में केन्द्र सरकार को कुछ नहीं सोचना है, वित्तमंत्री इस बारे में स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य सरकारें अपने अपने स्तर पर इस पर विचार करके निर्णय लें.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE