कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर हुए आतंकी हमलें को लेकर शिवसेना ने गौरक्षकों पर निशाना साधा है. उन्होने कहा कि अगर आतंकियों के पास हथियार के बजाय गौमांस होता तो गौरक्षक उन्हें जिंदा नहीं छोड़ते.

उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि गौरक्षकों को आतंकियों से मुकाबला करने के लिए भेजना चाहिए. उन्होंने कहा, गौरक्षक खुद आगे आकर अब आतंकियों का सामना करे.

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ठाकरे ने गौरक्षा को एक ढकोसला करार दिया. उन्होंने कहा, गौरक्षा के नाम पर देश में ढकोसला चल रहा है. उन्होंने सवाल पूछा कि क्या धर्म और राजनीति अब एक साथ नहीं चल रही? कोई अब उस पर क्यों नहीं बोलता? या यह कहें कि अगर आतंकियों के पास असलाह न होकर गौमांस होता तो कोई आतंकी जिंदा न बचता?

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उन्होंने विदेशनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि हालिया अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अब जबकि सभी देश आतंक के खिलाफ लड़ने में एकजुट हो ही चुके हैं तो शायद अब अमरीकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ही अमरनाथ यात्रा की सड़क पर बंदूक ताने दिखाई दें.


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