देश के प्रतिष्ठित मीडिया आउटलेट ABP  की साख को आजकल ममता बनर्जी खुले मंच पर तार तार कर रही हैं. ABP न्यूज़ चैनल और कई अखबार के मालिक अवीक सरकार पर ममता ने राजनीतिक दलाली के गम्भीर आरोप लगाए हैं.
पश्चिम बंगाल में जारी विधान सभा चुनाव की रैलियों में ममता ने एक के बाद एक  ABP  और अवीक सरकार पर प्रहार किये है. दुर्गापुर की रैली में ममता बनर्जी ने कहा की ABP  ग्रुप  काफी समय से उनकी सरकार गिराने की साज़िश कर रहा है क्यूंकि उन्होंने मुख्य संपादक अवीक सरकार की नाजायज़ मांगो को नहीं माना .ममता का आरोप था कि अवीक सरकार अपने न्यूज़ चैनल और अखबारों में उनके खिलाफ ख़बरें प्लांट करवाते हैं.
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पिछले दो साल से ममता और ABP  ग्रुप में कथित व्यायसायिक मुद्दों पर तकरार हुई है. ममता खुद कहती हैं की ABP  के मुख्य संपादक सरकार उनसे कुछ लाभ लेना चाहते थे जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था. इसलिए अवीक सरकार नाराज़ हैं.
ममता बनर्जी का आरोप है की ABP ग्रुप  बंगाल की हर सरकार में हिस्सेदारी चाहता है. बुद्धदेव ने उन्हें ये मौका दिया था लेकिन TMC की सरकार आते ही अवीक बाबू और मुख्यमंत्री के दफ्तर में ठन  गई.” अवीक मुझसे किसानो की ज़मीने जबरन कब्जवाना चाहते थे. वो अर्बन लैंड सीलिंग खत्म करवाना चाहते थे. मैंने ऐसा नहीं किया. जब उनका काम मैंने नहीं किया तो वो मेरे आदमियों की गिरफ्तारी करवाने लगे. वो राजनाथ से दिल्ली जाकर  मिलते हैं और कहते हैं की अभिषेक और मुकुल रॉय को गिरफ्तार करवाओ.क्या ये किसी साख वाले संपादक के काम हैं,” ममता ने ये बात सार्वजनिक मंच से कही.
ममता ने ये भी आरोप लगाया कि ABP के अखबार  खुले तौर पर लेफ्ट और कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं. हद ये है कि अवीक सरकार खुद बैठ कर कांग्रेस के उम्मीदवारों को टिकट दिला रहे हैं. दूसरी और ABP के एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि अवीक सरकार साफ़ सुथरी छवि वाले  मीडिया मालिकों में हैं. वो कभी अपने रिपोर्टर पर दबाव नहीं बनाते हैं.  हाल के सर्वे में  ABP ने TMC को बंगाल में विधान सभा जीतते  हुए दिखाया है. इस पत्रकार ने बताया कि  ममता और अविक में काफी समय से नहीं बनती है और सत्ता में आने के बाद ममता खुद अवीक सरकार के प्रति पूर्वागृह रखने लगीं. ममता का स्वभाव ही  ऐसा है. बहरहाल दोनों पक्षों के बीच दिनों दिन कटुता बढ़ती जा रही है और इसका लाभ लेफ्ट मोर्चे को मिल रहा है. (इंडिया संवाद ब्यूरो)

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