यूपी की राजनीति की दो बड़ी ताकतें समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी एक होने जा रही है. विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद दोनों ने हाथ मिलाने का फैसला किया है. ऐसे में अब पहली बार दोनों एक साथ रैली कर सकते हैं.

दरअसल, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अखिलेश और मायावती से एक साथ आने का अनुरोध किया था. सपा के सांसद नरेश अग्रवाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि इस समारोह में संयुक्त रैलियां करने का प्रस्ताव सामने आया था और सभी बीजेपी  विरोधी पार्टियों ने इसका समर्थन किया.

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मायावती और अखिलेश की संयुक्त रैली 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी विरोधी फ्रंट को एक रूप दे सकती है. सपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री ने इसके लिए की हामी भर दी है, वहीं बसपा की ओर से भी हामी मिलने की खबर है. वहीँ टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने भी मायावती और अखिलेश यादव से 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान साथ आने को कहा है.

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उन्होंने कहा कि अगर सपा, बसपा और कांग्रेस साथ आ जाएं तो लोकसभा में 70 सीटें जीत सकती हैं. ऐसे में अब बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहली बार एक साथ उत्तर प्रदेश में रैली कर सकते हैं.


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