अखिलेश सरकार में नगर विकास मंत्री आजम खान लगातार राज्यपाल पर हमले पर हमला किए जा रहे हैं. बुधवार को रामपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए सूबे के काबिना मंत्री ने कहा कि गवर्नर खुद तय करें कि वे इस पद के लायक हैं या नहीं.

The BJP won the state elections in Uttar Pradesh districts half the curfew: Mohammad Azam Khan

आजम ने कहा, ‘हम जनता के चुने लोग हैं, आरएसएस के भेजे हुए नहीं हैं. राम नाइक खुद तय करें कि राज्यपाल बनने लायक है या नहीं.’

नगर विकास मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि गवर्नर लोकतंत्र की जड़े खोदने पर उतारू हैं. राज्यपाल को उनकी बर्खास्तगी की मांग का अधिकार ही नहीं है. उन्होंने कहा, “हम सदन में विधायक की हैसियत से बोलते हैं मंत्री की हैसियत से नहीं बोलते.”

गौरतलब है कि आजम खान द्वारा विधानसभा में राज्यपाल की खिलाफ विवादित देने का मामला तूल पकड़ता ही जा रहा है. जिसे लेकर आजम और राज्यपाल के बीच बयानबाजी का दौर ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा.

मंगलवार को आजमगढ़ पहुंचे राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से आजम खान के बर्खास्तगी की बात नहीं की उन्होंने सिर्फ यह मामला संज्ञान में लाया कि उनके द्वारा दिया गया बयान असंसदीय था. उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनके द्वारा कही गई 60 पंक्तियों में से 20 पंक्तियों को हटा दिया गया जो यह दर्शाता है कि उन्होंने असंसदीय बयान दिए.

इस बीच मंगलवार को कन्नौज पहुंचे आजम खान ने राज्यपाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लोकतंत्र से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है. कन्नौज में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरी बर्खास्तगी समस्या का हल नहीं है. देश को नेताजी (मुलायम सिंह) की जरुरत है. अगर ये सरकार जायेगी तो पत्थरों की सरकार (मायावती) आएगी.’

गौरतलब है कि आजम खान ने यूपी विधानसभा में राज्यपाल को मेयर के बिल को रोकने पर तीखी टिप्पणी की थी. जिसके बाद राज्यपाल उनके बयानों की सीडी मंगाई थी. सीडी को सुनने के बाद राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को आजम के बयान को असंवैधानिक बताते हुए उन्हें संसदीय कार्यमंत्री पद के लिए अयोग्य बताया. (hindi.pradesh18.com)


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