Arun Jaitley, India's finance minister, pauses during a news conference in Gurgaon, India, on Saturday, March 5, 2016. India needs strong banks rather than a numerically larger number of lenders, Jaitley says at conclusion of bankers retreat near New Delhi. Photographer: Udit Kulshrestha/Bloomberg via Getty Images
Arun Jaitley, India’s finance minister, pauses during a news conference in Gurgaon, India, on Saturday, March 5, 2016. India needs strong banks rather than a numerically larger number of lenders, Jaitley says at conclusion of bankers retreat near New Delhi. Photographer: Udit Kulshrestha/Bloomberg via Getty Images

नई दिल्ली: अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले के मामले में एक नया मोड़ आ गया हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक समाचार चैनल से  बाचतीत में कहा कि हम किसी को व्यक्तिगत रूप से टारगेट नहीं कर रहे हैं, लेकिन जब डील के लिए रिश्वत दी गई तो रिश्वत लेने वाले भी तो होंगे। हम इसी सच को दुनिया के सामने लाना चाहते हैं, हालांकि किसी को पकड़ने के लिए हमारे पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं। हमारा इरादा सिर्फ सच्चाई को सामने लाने का है न कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा है।

उन्होंने आगे कहा, मैं समझता हूं कि उन्हें आरोपों को बेबुनियाद नहीं बताना चाहिए। ये बिल्कुल सत्य है कि उन्होंने खुद कॉन्ट्रैक्ट रद्द किया था, इसका मतलब कुछ गलत था। जब वे आरोपों को बेबुनियाद बताते हैं तो वे दूसरी शंकाओं को जन्म देते हैं। आरोपों को बेबुनियाद बताने की बजाय उन्हें सच सामने लाने के लिए जांच में सहयोग करना चाहिए, जिससे साबित हो कि वह दोषी नहीं हैं।

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सरकार की नीति बहुत साफ है। ऐसा कोई नहीं है, जिसे हम व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाना चाहते हैं, लेकिन सच्चाई सामने आनी चाहिए। यह सच्चाई है कि पैसों का लेन-देन हुआ है। यूपीए सरकार भी अगस्ता को ब्लैकलिस्ट करने का दावा करती है, हालांकि उन्होंने ब्लैकलिस्ट नहीं किया था, लेकिन उन्हें भी कुछ गलत होने का शक हुआ था। घूस देने वाले इटली में हैं और उन्हें सजा मिल चुकी है। ट्रांजैक्शन रद्द हो चुका है। दोनों तरफ के बिचौलियों की पहचान हो गई है। किसे फायदा पहुंचा, ये सवाल बाक़ी है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी को पकड़ने के लिए पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन निश्चित तौर पर इस बात का शक करने के लिए काफ़ी सबूत हैं कि किसी ने घूस ली है। अगर कोई घूस देने वाला है तो घूस लेने वाला भी होगा ही।

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आज सभी तरह की पड़ताल और घूस देनेवालों को सज़ा मिलने के बाद जांच के लिए संदेह करने के उचित कारण हैं। एक बार आपको पास किसी व्यक्ति के खिलाफ पुख्ता सबूत मिल जाएं तब हम साफतौर पर नाम लेकर कह सकेंगे कि इन लोगों ने पैसे लिए। अभी कुछ नामों की चर्चा है, जिससे एक शक पैदा होता है और मेरे हिसाब से उन लोगों को सफाई देनी चाहिए।

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